जीवन में नैतिक शिक्षा का विकास करता है ऋषि का सद्साहित्य

जीवन में नैतिक शिक्षा का विकास करता है ऋषि का सद्साहित्य

लखनऊ। गायत्री ज्ञान मंदिर इंदिरा नगर के विचार क्रान्ति ज्ञानयज्ञ अभियान के अन्तर्गत सेठ एमआर जयपुरिया स्कूल गोयल कैंपस में गायत्री परिवार के संस्थापक युगऋषि पं. श्रीराम शर्मा आचार्य द्वारा रचित सम्पूर्ण 79 खण्डों का 407वां ऋषि वाङ्मय की स्थापना कार्यक्रम सम्पन्न हुआ। 


यह साहित्य गायत्री परिवार की सक्रिय कार्यकर्ता ऊषा सिंह ने अपने प्रिय जीवनसाथी स्व. राजेन्द्र सिंह की स्मृति में भेंट किया, साथ-साथ उपस्थित छात्र-छात्राओं एवं शिक्षक-शिक्षिकाओं को भी एक-एक अखण्ड ज्योति पत्रिका भेंट की। इस अवसर पर वाङ्मय स्थापना अभियान के मुख्य संयोजक उमानंद शर्मा ने कहा कि ‘‘ऋषि का सद्साहित्य छात्र-छात्राओं के जीवन में नैतिक शिक्षा का विकास करता है। वीके श्रीवास्तव, श्रीमती ऊषा सिंह ने भी अपने विचार व्यक्त किये। संस्थान की प्रधानाचार्या रीना पाठक ने धन्यवाद ज्ञापन व्यक्त किया। इस अवसर पर उमानंद शर्मा, देवेन्द्र सिंह, संस्थान की प्रधानाचार्या रीना पाठक, उप प्रधानाचार्य सुशांत श्रीवास्तव आदि उपस्थित थे।

Leave a Reply

Cancel Reply

Your email address will not be published.

Follow US

VOTE FOR CHAMPION

Top Categories

Recent Comment

  • user by अनिल यादव

    बदायूं के नेता ड्रामा ज्यादा करते है, काम कम

    quoto
  • user by Jagtap yadav

    Ticket mil payega inhen. Himanshu yadav jindabaad

    quoto
  • user by प्रशांत सिंह

    शेखूपुर से किसी को टिकिट नहीं मिलेगा। यहां से कांग्रेस लड़ेगी। एक सीट चुनाव में कांग्रेस को मिलनी है गठबन्धन में।

    quoto