नौकरी लगवाने के नाम पर ढाई लाख हड़प गया बीएसए कार्यालय का वरिष्ठ सहायक, रिपोर्ट दर्ज

नौकरी लगवाने के नाम पर ढाई लाख हड़प गया बीएसए कार्यालय का वरिष्ठ सहायक, रिपोर्ट दर्ज

दो साल में टुकड़ों में 1.70 लाख लौटाए, 80 हजार अब भी नहीं दे रहा

वरिष्ठ सहायक समेत एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी पर दर्ज हुआ मामला

बदायूं। नौकरी लगवाने का झांसा देकर बीएसए ऑफिस के वरिष्ठ सहायक ने ढाई लाख रुपये ले लिए लेकिन व्यक्ति की नौकरी नहीं लगी। पीड़ित ने जब पैसे वापस मांगे तो वरिष्ठ सहायक टालमटोल करने लगा। बाद में दबाव पड़ने पर कुछ रुपये वापस किए लेकिन पूरी रकम नहीं लौटाई। इस पर पीड़ित ने वरिष्ठ सहायक समेत बीएसए कार्यालय के एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। 

मूसाझाग थाना क्षेत्र के गांव हथिनीभूड़ निवासी अजय राठौर ने बीएसए कार्यालय के वरिष्ठ सहायक राजीव शर्मा व चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी गोविंद के खिलाफ थाना सिविल लाइंस में एफआईआर दर्ज कराई गई है। एफआईआर में अजय ने कहा है कि वह बेरोजगार व्यक्ति है। रोजगार की तलाश के बीच ही उसके परिचित गोविंद ने बीएसए कार्यालय के वरिष्ठ सहायक राजीव शर्मा से मिलवाया था। गोविंद इसी कार्यालय में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी है। 

अजय के अनुसार, राजीव शर्मा ने उसकी नौकरी एक सहायता प्राप्त विद्यालय में लगवाने की बात कहते हुए पांच लाख रुपये की मांग की। इसमें ढाई लाख रुपये पहले तथा ढाई लाख रुपये नौकरी लगने के बाद देने की बात कही थी। दोनों कीबात पर भरोसा करते हुए अजय ने एक अगस्त 2020 को अपनी मां के केडिट कार्ड से दो लाख दो हजार तथा 48 हजार का इंतजाम घर से करके राजीव शर्मा को ढाई लाख रुपये दे दिए। 

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महीनों तक नहीं लगी नौकरी तो कहा रुपये वापस करने को

बदायूं। एफआईआर के मुताबिक, कई महीने बीतने के बाद भी नौकरी न लगने पर अजय ने राजीव से रुपये मांगे तो वह आनाकानी करता रहा। बाद में बीएसएस कार्यालय के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी प्रभाकर वर्धन के फोन पे से जुलाई-21 में दस हजार रुपये डाल दिए। अजय के अनुसार, उसने ढाई लाख रुपये भी प्रभाकर वर्धन और राजमहेश पुत्र हाकिम सिंह की मौजूदगी में दिए थे। इसके बाद वह लगातार पैसे वापस करने को कहता रहा लेकिन राजीव शर्मा ने रुपये वापस नहीं किए।

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एक साल तक करता रहा टालमटोल

बदायूं। अजय के मुताबिक काफी टोकने के बाद भी रुपये न मिलने पर उसने जुलाई-44 में बीएसएस से शिकायत की जिसके बाद आरोपित क्लर्क कार्यालय के अन्य लोगों की मौजूदगी में 2.40 लाख में से केवल दो लाख रुपये देने को राजी हुआ। इसके बाद भी 40 हजार रुपये प्रभाकर के माध्यम से तथा एक लाख 20 हजार नकद वापस किए। अजय के अनुसार, 80 हजार रुपये अब तक राजीव शर्मा ने वापस नहीं किए। इस पर अजय ने बृहस्पतिवार को राजीव शर्मा तथा गोविंद के विरुद्ध थाना सिविल लाइंस में रिपोर्ट दर्ज करा दी। 

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  • user by Shoeb

    Nautanki mla

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  • user by Boby yadav

    कार्यवाही उसके भी ऊपर होनी चाहिए जिसके कारण यह तार लगाए गये है Cm up

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  • user by अनिल यादव

    बहुत खूब। अगला टिकट पक्का

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