गरीब, मजलूम और दलितों के बड़े नेता थे कांशीरामः आबिद रजा

गरीब, मजलूम और दलितों के बड़े नेता थे कांशीरामः आबिद रजा

पूर्व मंत्री और सपा के राष्ट्रीय सचिव आबिद रजा ने कांशीराम को दी श्रद्धांजलि, कहा-पालिका से लगवाएंगे प्रतिमा

पूर्व मंत्री बोले- बहुजन समाज को संगठित करने में कांशीराम का रहा ऐतिहासिक योगदान

सबकी बात न्यूज

बदायूं। बहुजन समाज के महानायक और बहुजन आंदोलन के प्रणेता कांशीराम की जयंती के अवसर पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय सचिव व पूर्व मंत्री आबिद रजा ने अपने कैंप कार्यालय पर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए। इस दौरान उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई तथा उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया गया। उंन्होने पालिकाध्यक्ष फात्मा रजा को पत्र लिखकर शहर के किसी चौराहे या पार्क में कांशीराम की प्रतिमा लगाने का भी अनुरोध किया है। 

इस मौके पर पूर्व मंत्री ने कहा कि कांशीराम का पूरा जीवन बहुजन समाज को संगठित करने और उसे सामाजिक, राजनीतिक व आर्थिक अधिकार दिलाने के संघर्ष में समर्पित रहा। उन्होंने बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर के विचारों और उनके आंदोलन को आगे बढ़ाने के लिए अपना जीवन लगा दिया।

पूर्व मंत्री ने कहा कि कांशीराम ऐसे महान नेता थे, जिन्होंने समाज के वंचित, शोषित और पिछड़े वर्ग के लोगों को एकजुट कर उन्हें अपने अधिकारों के प्रति जागरूक किया। उन्होंने देशभर में घूम-घूमकर बहुजन समाज को संगठित करने का कार्य किया और उन्हें यह विश्वास दिलाया कि संगठित होकर ही अपने अधिकारों की लड़ाई जीती जा सकती है। 

उन्होंने कहा कि कांशीराम ने जाति के आधार पर बंटे और कमजोर किए गए समाज के लोगों को एकता के सूत्र में पिरोने का ऐतिहासिक कार्य किया। उन्होंने बहुजन समाज के लोगों में आत्मसम्मान की भावना जगाई और उन्हें सामाजिक न्याय की लड़ाई के लिए प्रेरित किया। कांशीराम का संघर्ष और उनका जीवन समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत है। 

पूर्व मंत्री ने कहा कि कांशीराम ने जो आंदोलन खड़ा किया, उसने देश की राजनीति में एक नई चेतना पैदा की और बहुजन समाज को अपनी ताकत का एहसास कराया। उनके प्रयासों से समाज के लाखों लोगों को अपने अधिकारों के लिए आगे आने की प्रेरणा मिली। कांशीराम का जीवन हमें यह संदेश देता है कि अगर समाज के कमजोर वर्ग एकजुट होकर संघर्ष करें तो वे अपने अधिकार और सम्मान प्राप्त कर सकते हैं। 

इस अवसर पर मौजूद लोगों ने भी कांशीराम के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी और उनके योगदान को याद किया। वक्ताओं ने कहा कि कांशीराम का जीवन और उनके विचार आने वाली पीढ़ियों के लिए हमेशा प्रेरणा बने रहेंगे। अंत में सभी ने कांशीराम के आदर्शों को अपनाने तथा समाज में एकता, भाईचारा और सामाजिक न्याय की भावना को मजबूत करने का संकल्प लिया। इस अवसर पर सभासद मुशाहिद अली, अफसर अली खां, कौसर अली, छोटू, बब्लू रिजवान, रजीउद्दीन, मिंटू आदि लोग मौजूद रहे।





Leave a Reply

Cancel Reply

Your email address will not be published.

Follow US

VOTE FOR CHAMPION

Top Categories

Recent Comment

  • user by Shoeb

    Nautanki mla

    quoto
  • user by Boby yadav

    कार्यवाही उसके भी ऊपर होनी चाहिए जिसके कारण यह तार लगाए गये है Cm up

    quoto
  • user by अनिल यादव

    बहुत खूब। अगला टिकट पक्का

    quoto