बदायूं के इस अस्पताल के सेप्टिक टैंक में कई दिनों से सड़ रहा शव...बदबू फैली तो चला पता
बदायूं। बदायूं के जिला अस्पताल में ही लोगों को सभी इलाज मिलना मुश्किल हो रहा है। अव्यवस्थाओं का आलम ये है कि दूरदराज से आने वाले लोग यहां परेशान ही दिखाई देते हैं। ऐसे में गांव देहात के सरकारी अस्पतालों का तो भगवान ही मालिक है। ऐसी ही अनदेखी और अव्यवस्था का नजारा दिखा म्याऊं स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर में, जहां के सेप्टिक टैंक में एक सांड़ का शव पिछले कई दिनों से पड़ा-पड़ा सड़ गया। जब बदबू फैली तो लोगों को इसकी जानकारी हुई, लेकिन सरकारी सिस्टम तब भी नहीं जागा। 
माना जा रहा है कि यह छुट्टा पशु पीएचसी के अंदर बने सेप्टिक टैंक में कुछ दिन पहले गिरा होगा, क्योंकि सोमवार को जब पशुप्रेमियों ने वहां जाकर देखा तो शव पूरी तरह सड़ चुका था और वहां से भयंकर बदबू आ रही थी। बदबू के कारण ही लोगों को पता

चल सका, नहीं तो किसी जिम्मेदार की नजर वहां अब तक नहीं पड़ी थी। इस सबंध में राष्ट्रीय बजरंग दल, ब्रज प्रांत के महामंत्री पंकज गुप्ता ने कहा कि उन्हें कुछ लोगों ने फोन पर जानकारी दी थी कि यहां पर एक गोवंश का शव सड़ी गली अवस्था में पड़ा
- पंकज गुप्ता-
है। उन्होंने शव को निकालकर उसका अंतिम संस्कार कराने तथा अनदेखी करने वाले जिम्मदारों पर कार्रवाई की मांग की है।
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बीमारियां फैलने का भी डर
बदायूं। लोगों का कहना है कि गोवंशीय पशु का शव कई दिनों से सड़ रहा है, जिस पर मक्खियां भिनभिना रही हैं। ऐसे में बदबू से तो बुरा हाल है ही, साथ ही बीमारियां फैलने का भी खतरा बना हुआ है, लेकिन जिम्मेदारों को इससे मतलब नहीं है।
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यहां तो आदमी की अनदेखी, पशुओं को कौन देखे
बदायूं। सरकारी अस्पतालों का आलम तो यह है कि यहां आदमी तक की अनदेखी की जाती है। पिछले दिनों पशु प्रेमी विकेंद्र शर्मा ने एक ऐसे व्यक्ति को जिला अस्पताल में भर्ती कराया था जिसके सिर में कीड़े पड़ चुके थे। वह जब उस व्यक्ति को देखने अस्पताल गए थे तो वहां गंदगी का आलम यह था कि वार्ड में मलमूत्र तक पड़ा था। विकेंद्र ने इसका वीडियो भी शेयर किया था।
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